नवग्रह शांति पूजा उज्जैन

धार्मिक आस्था के अनुसार यह सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु की शांति तथा परिवार के कल्याण की कामना से की जाने वाली पूजा है।

नवग्रह दोष क्या है?

ज्योतिषीय परंपरा में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु को नवग्रह कहा जाता है। कुंडली परामर्श में इनकी स्थिति का अध्ययन किया जाता है। श्रद्धालु नवग्रहों की शांति और परिवार के कल्याण की कामना से पूजा कराते हैं।

नवग्रह दोष के लक्षण

नवग्रह पूजा की जरूरत तय करने के लिए पूरी जन्मकुंडली और पारिवारिक परंपरा के आधार पर पंडित जी से चर्चा करें। पूजा सुख-शांति, सद्भाव और परिवार के कल्याण की कामना से की जाती है।

नवग्रह दोष के उपाय

ज्योतिषीय और धार्मिक परंपराओं में नवग्रह पूजन, मंत्र जाप, हवन, दान और सेवा का विधान मिलता है। व्यक्तिगत अनुष्ठान, व्रत या रत्न के बारे में पंडित जी से परामर्श लें। संबंधित विधि और सामग्री पहले तय करें।

नवग्रह शांति पूजा-विधि

उज्जैन मे नवग्रह शांति पूजा सम्पन्न कराने में निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:​

  1. गणेश पूजन: सभी बाधाओं को दूर करने के लिए सर्वप्रथम गौरी-गणेश पूजन की जाती है।​

  2. कलश स्थापना: शुद्धता और दिव्यता के लिए।​

  3. नवग्रह पूजन: सभी नौ ग्रहों की पूजा और मंत्र जाप।​

  4. हवन और आरती: पूजा का समापन और प्रसाद वितरण।​

प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष बीज मंत्रों का जाप किया जाता है, जैसे:​

  • सूर्य: ॐ घ्राणि सूर्याय नमः​

  • चंद्रमा: ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः​

  • मंगल: ॐ अंग अंगारकाय नमः​

  • बुध: ॐ बुं बुधाय नमः​

  • बृहस्पति: ॐ बृं बृहस्पतये नमः​

  • शुक्र: ॐ शुं शुक्राय नमः​

  • शनि: ॐ शं शनैश्चराय नमः

  • राहु: ॐ रंग राहवे नमः​

  • केतु: ॐ केम केतवे नमः

नवग्रह शांति पूजा

नवग्रह शांति पूजा धार्मिक आस्था के अनुसार नौ ग्रहों की शांति और परिवार के कल्याण की कामना से किया जाने वाला अनुष्ठान है। इसमें नवग्रह पूजन, मंत्र जाप और हवन शामिल होते हैं। श्रद्धालु इसे मन की शांति और आध्यात्मिक साधना के अवसर के रूप में कराते हैं।

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा का खर्च

नवग्रह शांति पूजा का खर्च चुनी हुई विधि, मंत्र जाप, हवन, पंडितों और सामग्री की व्यवस्था पर निर्भर है। अपनी तारीख और जरूरत बताकर पंडित जी से कुल राशि तथा उसमें शामिल सामग्री, दक्षिणा और लागू रसीद या अन्य शुल्क की जानकारी पहले लें।

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा कैसे कराएं?

नवग्रह शांति पूजा उज्जैन के लिए नीचे दिए Call बटन से संपर्क करके अपनी पसंदीदा तारीख, नाम-गोत्र और आने वालों की संख्या बताएं। जन्म विवरण या तैयार कुंडली हो तो परामर्श के लिए रखें। समय मालूम न हो तो अनुमान को पक्की जानकारी की तरह न दें।

  • चुनी हुई पूजा की विधि और संकल्प स्पष्ट करें।
  • पूजा का सही स्थान, मिलने की जगह और समय पहले तय करें।
  • कौन-सी सामग्री मिलेगी और क्या आपको लाना है, पूछ लें।
  • पूरी राशि और उसमें शामिल व्यवस्था जानकर ही पुष्टि करें।

यात्रा की तैयारी के लिए मंगलनाथ पूजा की जानकारी पढ़ें। मंगल दोष के लिए अलग सलाह मिली हो तो भात पूजा की विधि और बुकिंग को अलग अनुष्ठान समझकर जानकारी लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नवग्रह शांति पूजा क्या है?

धार्मिक आस्था के अनुसार सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु की शांति तथा परिवार के कल्याण की कामना से पूजन किया जाता है।

उज्जैन में पूजा कहां होगी?

पूजा का सही स्थान और मिलने की जगह पंडित जी से बुकिंग के दौरान स्पष्ट करें। केवल वेबसाइट के नाम या किसी दूसरे अनुष्ठान के स्थान से अनुमान न लगाएं।

कौन-सी सामग्री लानी होगी?

कौन-सी सामग्री उपलब्ध है और क्या आपको लाना है, यह चुनी हुई विधि के अनुसार पहले पूछें।

पूजा की तारीख और समय कैसे तय करें?

अपनी पसंदीदा तारीख बताएं। स्थानीय पंचांग, व्यक्तिगत परामर्श और उपलब्ध व्यवस्था के अनुसार समय की पुष्टि करें।

खर्च और शामिल व्यवस्था कैसे जानें?

विधि, जाप, हवन और सामग्री सहित अपनी पूजा की कुल राशि पूछें। किसी सामान्य अनुमान को पक्की बुकिंग की राशि न मानें।